Kia Ye Hi Bandagi Hai Nasheed Lyrics

Kia Ye Hi Bandagi Hai Nasheed Lyrics
रब को ना याद करना क्या ये ही बन्दगी है

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Duniya me mast rehna kya ye hi bandagi hai
Rab ko na yaad karna kya ye hi bandagi hai

 

Rab ne wujood tujko bakhsha bahut nirala
Maqsood bandagi hai maqsad hai la-ilah ka

 

Dar rab ka tune chhora kya ye hi bandagi hai
Rab ko na yaad karna kya ye hi bandagi hai

 

Aawargi me tujhko daulat lagate dekha
Uryaniyat ki rahen tujhko sajate dekha

 

Rab se nahin tu darta kya yehi bandagi hai
Rab ko na yaad karna kya ye hi bandagi hai

 

Nemat khuda ki tujh par har waqt hai nichhawar
Ahsaan uska dekho kaise ayan hai tujh par

 

Fir bhi tu usko bhoola kya ye hi bandagi hai
Rab ko na yaad karna kya ye hi bandagi hai

 

Izzat usi se milti zillat bhi wahi deta
Sab kuchh hai uske qabze har kuchh wahi banata

 

Ghairon ke aage jhukna kya ye hi bandagi hai
Rab ko na yaad karna kya ye hi bandagi hai

 

Doulat ko apne ghar me bharta hai betahasha
Miskeen ka tu haq bhi khata hai betahasha

 

Deta nahin tu sadqa kya ye hi bandagi hai
Rab ko na yaad karna kya ye hi bandagi hai

 

Ae zain teri aankhen takti hain ghair mehram
Sharm o haya ki chadar tujh par nahin hai kyonkar

 

Bahno pe nazrein rakhna kya ye hi bandagi hai
Rab ko na yaad karna kya ye hi bandagi hai

 

Voice: Noor ul Nabi Al Hussaini
Lyrics: Zainulabadeen Zulqurooh

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kya ye hi bandagi Hai in Hindi


दुनिया में मस्त रहना क्या ये ही बन्दगी है
रब को ना याद करना क्या ये ही बन्दगी है

 

रब ने वुजूद तुझको बख़्शा बहुत निराला
मक़सूद बन्दगी है मक़सद है ला-इलाह का

 

दर रब का तू ने छोड़ा क्या ये ही बन्दगी है
रब को ना याद करना क्या ये ही बन्दगी है

 

आवारगी में तुझको दौलत लगाते देखा
उरयानित की राहें तुझको सजाते देखा

 

रब से नहीं तू डरता क्या ये ही बन्दगी है
रब को ना याद करना क्या ये ही बन्दगी है

 

नेमत खुदा की तुझ पर हर वक़्त है निछावर
एहसान उसका देखो कैसे अयां है तुझ पर

 

फिर भी तू उसको भूला क्या ये ही बन्दगी है
रब को ना याद करना क्या ये ही बन्दगी है

 

इज़्ज़त उसी से मिलती ज़िल्लत भी वही देता
सब कुछ है उसके क़ब्ज़े हर कुछ वही बनाता

 

ग़ैरों के आगे झुकना क्या ये ही बंदगी है
रब को ना याद करना क्या ये ही बंदगी है

 

दौलत को अपने घर में भरता है बे-तहाशा
मिस्कीन का तछ ह़क़ भी खाता है बे-तहाशा

 

देता नहीं तू सदक़ा क्या ये ही बन्दगी है
रब को ना याद करना क्या ये ही बन्दगी है

 

ऐ ज़ैन तेरी आंखें तकती हैं गैर मेहरम
शर्मो ह़या की चादर तुझ पर नहीं है क्यूंकर

 

बहनों पे नज़रें रखना क्या ये ही बन्दगी है
रब को ना याद करना क्या ये ही बन्दगी है

Kia Ye Hi Bandagi Hai lyrics


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