Ashko Ka Ho Bura Hame Badnam Kar Diya

Raaz-e Wafa Ko Faash Sar-e Aam Kar Diya Aakhon Ka Ho Bura Hameñ Badnaam Kar Diya Lyrics In Hindi
राज़-ए वफा को फ़ाश सरेआम कर दिया लिरिक्स

English Lyrics

वो हसीन ज़ुल्फ़ बिखरी तो महक गईं फिज़ाएं
वो निगाहे नाज़ उट्ठी तो संवर गया ज़माना

मेरे ज़र्फ़ को समझ कर ज़रा बिजलियां गिराना
मुझे ताब हो जहां तक वहां तक नक़ाब उठाना

मुझे इसका ग़म नहीं है जो बदल गया ज़माना
मेरी ज़िंदगी है तुमसे कहीं तुम बदल न जाना

वो गिराए जाएं बिजली मैं इसी अदा पे खुश हूं
तेरे पास बिजलियां है मेरे पास आशियाना ।

 

कभी कहा ना किसी से तेरे फ़साने को
न जाने कैसे ख़बर हो गई ज़माने को

 

Raaz-e Wafa Ko Faash Sar-e Aam Kar Diya

राज़-ए वफ़ा को फ़ाश सरेआम कर दिया

राज़-ए वफ़ा को फ़ाश सरेआम कर दिया
अश्कों का हो बुरा हमें बदनाम कर दिया

 

आंख कमबख़्त से उस बज़्म में आंसू न रुक सका
एक क़तरे ने डुबोया मुझे दरिया होकर

 

अश्कों का हो बुरा हमें बदनाम कर दिया ..

 

हमने छुपाई लाख मोहब्बत न छुप सकी
आंखों ने रो के यार से इज़हार कर दिया

अश्कों का हो बुरा हमें बदनाम कर दिया..

 

न रुकते हैं आंसू न थमते हैं नाले
कहो कोई कैसे मोहब्बत छुपा ले

अश्कों का हो बुरा हमें बदनाम कर दिया ..

 

करे क्या कोई वह जो आएं यका-यक
निगाहों को रोके या दिल को संभाले

अश्कों का हो बुरा हमें बदनाम कर दिया ..

 

चमन वाले बिजली से बोले न चाले
ग़रीबों के घर बेवजह फूंक डाले

अश्कों का हो बुरा हमें बदनाम कर दिया ..

 

क़यामत हैं ज़ालिम की नीची निगाहें
ख़ुदा जाने क्या हो वह जो नज़्र उठा दे

अश्कों का हो बुरा हमें बदनाम कर दिया ..

 

मेरे अश्कों ने ही बहकर रख दिया सब राज़-ए दिल
वर्ना मैं चाहता था मेरा राज़दां कोई न हो

अश्कों का हो बुरा हमें बदनाम कर दिया ..

 

राज़-ए वफ़ा को फ़ाश सरेआम कर दिया
अश्कों का हो बुरा हमें बदनाम कर दिया ..

ऐसी थी कुछ कशिश तेरी जुल्फों के जाल में
तेरी जुल्फों के जाल में
तेरी जुल्फों के जाल में

 

वो जो बन संवर के आ गए बज़्म-ए नाज़ में
बैठे-बिठाए हश्र का सामान हो गया

ऐसी थी कुछ कशिश तेरी ज़ुल्फों के जाल में ..

 

जो फंसा फिर उसने न रिहाई मांगी
तेरी ज़ुल्फों ने अजब जाल बिछा रखा है

तेरी जुल्फों के जाल में
तेरी जुल्फों के जाल में

 

ऐसी थी कुछ कशिश तेरी ज़ुल्फों के जाल में
दानिशता हमने दिल को तहे-दाम रख दिया

 

ऐसी थी कुछ कशिश तेरी ज़ुल्फों के जाल में ..

 

काली काली ज़ुल्फों के फंदे न डालो
हमें जिंदा रहने दो ऐ हुस्न वालो

ऐसी थी कुछ कशिश तेरी ज़ुल्फों के जाल में ..

 

एक दिल ही नहीं इस बज़्म में हम
ना जाने क्या क्या भूल गए

ऐसी थी कुछ कशिश तेरी ज़ुल्फों के जाल में ..

 

हम होश भी अपना भूल गए
ईमान भी अपना भूल गए
एक दिल ही नहीं इस बज़्म में हम
ना जाने क्या क्या भूल गए

ऐसी थी कुछ कशिश तेरी ज़ुल्फों के जाल में ..

 

दीवाना बना डाला मस्ताना बना डाला

ऐसी थी कुछ कशिश तेरी ज़ुल्फों के जाल में ..

 

इतनी ज़ालिम न बनो अरे कुछ मुरव्वत सीखो
तुम पर मरते हैं तो फिर मार ही डालोगी (क्या)

ऐसी थी कुछ कशिश तेरी ज़ुल्फों के जाल में ..

 

जुल्फ़ माही दे पेच अनोखे मैनू खींच गए विच पेचां
पेचा दे विच ऐसी पीची मैनू हेच समझ लेयां हेचां
दर्दिया फुल्ल पेच न जावण नित पेच दे पेचे पेचां
सरदार जे यार मिले चिंद पत् दे हां चिंद होके देदे पेचां

ऐसी थी कुछ कशिश तेरी ज़ुल्फों के जाल में ..

 

सरदार जे यार मिले चिंद पत् दे मैं चिंद होके देदे पेचां

ऐसी थी कुछ कशिश तेरी ज़ुल्फों के जाल में ..

 

ये ज़रूरी ही नहीं तेरी सूरत को ही देखें
मरने वाले तेरी तस्वीर पे मर जाते हैं

ऐसी थी कुछ कशिश तेरी ज़ुल्फों के जाल में ..

 

ऐसी थी कुछ कशिश तेरी ज़ुल्फों के जाल में
दानिश्ता हमने दिल को तहे दाम कर दिया

 

ये सोंचदा ही सोंंचदा काबे तो मुड़ पेयां

दानिश्ता हमने दिल को तहे दाम कर दिया..

 

कितनी दुआएं दूं तेरी ज़ुल्फ़-ए दराज़ को
कितनी दुआएं दूं तेरी ज़ुल्फ़-ए दराज़ को

 

बांट रहा था जब ख़ुदा
बांट रहा था जब ख़ुदा

बांट रहा था जब ख़ुदा सारे जहां की नेअ़मतें
(तो) अपने ख़ुदा से मांग ली मैंने तेरी वफ़ा सनम

 

कितनी दुआएं दूं तेरी ज़ुल्फ़-ए दराज़ को
कितना वसी ये सिलसिला-ए दाम कर दिया

 

वो चश्म-ए मस्त कितनी ख़बरदार थी सुनो
ख़ुद होश में रही हमें बदनाम कर दिया

 

ये दिल नवाज़ सूरत और शेवा-ए सितम
ऐ इश्क़ तूने हुस्न को बदनाम कर दिया

 

जा और कोई ज़ब्त की दुनिया तलाश कर
ऐ इश्क़ अब तो हम तेरे क़ाबिल नहीं रहे

ऐ इश्क़ तूने हुस्न को बदनाम कर दिया ..

 

(हम) दिल के कुछ बुरे तो न थे दोस्तों मगर
रंगीनी-ए मजाज़ ने बदनाम कर दिया

 

उन के तीर-ए नज़र का क्या कहना

रंगीनी-ए मिजाज़ ने बदनाम कर दिया..

 

रूख़ पे पड़ती है कभी शानों पे लहराती है
तूने ज़ुल्फ़ों को‌ बहुत सर पे चढ़ा रखा है

रंगीनी-ए मजाज़ ने बदनाम कर दिया..

 

आया ख़याल तक न ग़म-ए रोज़गार का
ऐ दर्द-ए यार तूने बड़ा काम कर दिया

 

सज्दे में पड़े अर्श-ए-उला देख रहे हैं

ऐ दर्द-ए यार तूने बड़ा काम कर दिया ..

 

दिया दर्द जो तूने वो ला-दवा है
ये तेरा करम है ये तेरी अ़ता है

ऐ दर्द-ए यार तूने बड़ा काम कर दिया..

 

मुझे दर्द देने वाले तेरी बंदा परवरी है

ऐ दर्द-ए यार तूने बड़ा काम कर दिया..

 

साजिद कुछ हमसे उनकी गली दूर तो न थी
साजिद कुछ हमसे उनकी गली दूर तो न थी

 

गली कू-ए जाना की ऐ दिल यही है
लुटे हम जहां पर वोह मंजिल यहीं है

साजिद कुछ हमसे उनकी गली दूर तो न थी
लेकिन शकिस्ता-पाई ने नाकाम कर दिया

राज़-ए वफा को फ़ाश सरेआम कर दिया

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Hindi And English lyrics

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