बारो घी के दिए ना भैयले आमना के ललना लिरिक्स

बारो घी के दिए ना भैयले आमना के ललना लिरिक्स | Baaro Ghee Ke Diye Na Lyrics in Hindi | Hure Naache Chhamaachham Lyrics in Hindi | Rabiul Awwal Naat Lyrics |

Qawwal : Jaffar Husaain Badayuni


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जब हुए पैदा मोहम्मद सुब्ह सादिक वक़्त था
गोद में लेकर के यूं दाई हलीमा ने कहा..

बारो घी के दिए ना
भैइले आमना के ललना

बारो घी के दिए ना
भैइले आमना के ललना

बारो घी के दिए ना ..

 

अर्श पे हाहाकार मची है धरती गाए मल्हार
आज मोहम्मद पैदा भइले कहे जिब्रील पुकार
हूरें नाचें छमाछम आज अब्दुल्ला के अंगनवा..

 

नबियों की टोली आई है अब्दुल मुत्तलिब के
हवा बीबी लायीं बधावा मरियम मांगे नेग
हम लगैंवे कजरा कौनो मारे नाही टुनवा…

 

आदम से ईसा तक आए देने बधाई सारे
पढ़ते दुरूद फ़रिश्ते आए, टिम टिम करते तारे
मां की गोदी ऐसी लागे जैसे मुदरिन मा नंगनवा…

 

नाम की तोरे माला जपत है हरदम तोरा ‘खालिक’
याहू की विनती सुन लीजे ऐ उम्मत के मालिक
तैंइ दिखाए दियो ना आपन मक्का और मदिनवा..

 

पढ़ते दुरूद फ़रिश्ते आए, टिम टिम करते तारे
मां की गोदी ऐसी लागे जैसे मुदरिन मा नंगनवा…


Urdu, Hindi and English Lyrics

Naat-E-Paak|

Khalid Mahmud ‘Khalid’ Allama Saim Chishti  | Bedam Warsi | Ajmal Sultanpuri Naat  | Ala Hazrat Naat | Akhtar Raza Khan| Raaz Ilaahabadi | Muhammad Ilyas Attari | Sayyad Nazmi Miyan

| Qawwali |

Sabri Brothers | Nusrat Fateh Ali Khan | Rahat Fateh Ali Khan | Iqbal Afzal Sabri | Aziz Miyañ Ghous Muhammad Nasir Maulvi Ahmad Hassan Akhtar

Baaro Ghee Ke Diye Na Bhayile Aamna Ke Lalna,

जब हुए पैदा मोहम्मद सुब्ह सादिक वक़्त था
गोद में लेकर के यूं दाई हलीमा ने का

बारो घी के दिया ना
भैयले आमना के ललना

बारो घी के दिया ना ..

 

अर्श पे हाहाकार मची है धरती गाए मल्हार
आज मोहम्मद पैदा भइले कहे जिब्रील पुकार
हूरें नाचें छमाछम आज अब्दुल्ला के अंगनवा..

 

नबियों की टोली आई है अब्दुल मुत्तलिब के
हवा बीबी लायीं बधावा मरियम मांगे नेग
हम लगैंवे कजरा कौनो मारे नाही टुनवा…

 

आदम से ईसा तक आए देने बधाई सारे
पढ़ते दुरूद फ़रिश्ते आए, टिम टिम करते तारे
मां की गोदी ऐसी लागे जैसे मुदरिन मा नंगनवा…

 

नाम की तोरे माला जपत है हरदम तोरा ‘खालिक’
याहू की विनती सुन लीजे ऐ उम्मत के मालिक
तैंइ दिखाए दियो ना आपन मक्का और मदिनवा..

 

पढ़ते दुरूद फ़रिश्ते आए, टिम टिम करते तारे
मां की गोदी ऐसी लागे जैसे मुदरिन मा नंगनवा…

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